राज्य प्रोफ़ाइल

उत्तर प्रदेश — भारत का #1 आलू उत्पादक राज्य

भारत के कुल आलू उत्पादन का एक-तिहाई। शीर्ष 10 ज़िले, प्रमुख किस्में, बीज उत्पादन, चुनौतियाँ और भविष्य का दृष्टिकोण।

19.17M टन
UP उत्पादन 2023-24
33.6%
भारत के कुल का हिस्सा
7 लाख हे.
खेती क्षेत्र
29 टन/हे.
औसत उपज

UP आलू उत्पादन में क्यों अग्रणी है

2023-24 में ~7 लाख हेक्टेयर में 19.17 मिलियन टन उत्पादन (APEDA डेटा)। सिंधु-गंगा मैदान की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ।

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उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी

गंगा के मैदान में गहरी, अच्छी जल-निकासी वाली दोमट मिट्टी — आलू कंद विकास के लिए आदर्श

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अनुकूल शीत ऋतु जलवायु

रबी सीजन में 15-25°C दिन का तापमान, ठंडी रातें — कंद बनने के लिए आदर्श

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अनुसंधान अवसंरचना

ICAR-CPRI मोदीपुरम (मेरठ), अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) आगरा कार्यालय

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अनुभवी कृषि समुदाय

आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज में पीढ़ियों से आलू खेती का गहरा अनुभव

राष्ट्रीय उत्पादन में UP का योगदान

भारत का कुल आलू उत्पादन 2024-25 में 60.18 मिलियन टन (दूसरा अग्रिम अनुमान) रहा — विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक।

2022-23 में UP ने अपना सर्वोच्च उत्पादन 20.13 MT दर्ज किया — राष्ट्रीय कुल 60.14 MT का 33.46%। 2023-24 में अक्टूबर के उच्च तापमान के कारण उत्पादन 19.17 MT (57.05 MT का 33.61%) पर आ गया।

UP + पश्चिम बंगाल + बिहार मिलकर भारत के ~68% खेती क्षेत्र और ~78% उत्पादन का योगदान करते हैं। UP से ~105 लाख MT विपणन योग्य अधिशेष दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत को वितरित किया जाता है।

प्रमुख तथ्य
आगरा-कानपुर आलू पट्टी

भारत का सबसे गहन आलू उत्पादन क्षेत्र — 6.94 लाख हेक्टेयर, 29 टन/हे. औसत उपज। आगरा, फ़िरोज़ाबाद, कन्नौज, हाथरस, फर्रुखाबाद, मैनपुरी ज़िले शामिल।

शीर्ष 10 आलू उत्पादक ज़िले

राज्य सरकार और ICAR-CPRI डेटा; 2022-23 के अनुमानों पर आधारित

01
आगरा
28.0 लाख MT
71,000 हेक्टेयर, कुफरी बहार प्रमुख किस्म
02
फ़िरोज़ाबाद
20.8 लाख MT
भारत के आलू प्रसंस्करण उद्योग का प्रमुख आपूर्तिकर्ता
03
कन्नौज
20.4 लाख MT
मजबूत कोल्ड स्टोरेज अवसंरचना, साल भर आपूर्ति
04
हाथरस
19.1 लाख MT
आगरा-कानपुर आलू पट्टी का रणनीतिक हिस्सा
05
फर्रुखाबाद
15.9 लाख MT
गुणवत्ता बीज आलू उत्पादन और वितरण पर ध्यान
06
अलीगढ़
11.0 लाख MT
चिप्सोना जैसी प्रसंस्करण किस्मों को अपनाना बढ़ा
07
बदायूँ
8.5 लाख MT
मध्य UP में उभरता हुआ आलू हब
08
मैनपुरी
7.6 लाख MT
पारंपरिक आलू उत्पादन क्षेत्र, स्थापित मंडी नेटवर्क
09
प्रयागराज
7.3 लाख MT
पूर्वी UP के आलू उत्पादन क्षेत्र का प्रमुख केंद्र
10
बाराबंकी
7.2 लाख MT
तेज़ी से बढ़ता खेती क्षेत्र, कोल्ड चेन पहुँच में सुधार

आगरा — UP की आलू राजधानी

28 लाख MT
वार्षिक उत्पादन
71,000 हे.
खेती क्षेत्र
~27%
UP उत्पादन का हिस्सा
~7 लाख MT
बीज आवश्यकता/वर्ष

प्रमुख किस्म कुफरी बहार — मिठास और बाज़ार माँग। अन्य: कुफरी मोहन, कुफरी पुखराज, कुफरी आनंद, कुफरी चिप्सोना 1-5।

प्रमुख ब्लॉक: खंडौली, शम्साबाद, एत्मादपुर, फतेहाबाद, किरावली। यमुना नहर सिंचाई और गहरी जलोढ़ मिट्टी आगरा की ताकत।

अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र (CIP) आगरा कार्यालय — 2019 में मंजूरी, प्रगति धीमी।

खेती का मौसम और प्रमुख किस्में

सभी किस्में →

रबी सीजन: बुवाई अक्टूबर-नवंबर, कटाई फरवरी-मार्च। 90-110 दिन फसल चक्र।

कुफरी बहारUP में सबसे लोकप्रिय, मीठा स्वाद, शीघ्र परिपक्व
खाने के लिए
कुफरी पुखराजउच्च उपज, शीघ्र बल्किंग, ताज़ा बाज़ार और निर्यात
खाने के लिए
कुफरी चिप्सोना 1-5उच्च शुष्क पदार्थ, अनुबंध खेती में उपयोग
प्रसंस्करण
कुफरी मोहनअच्छी भंडारण गुणवत्ता
खाने के लिए
कुफरी सूर्यागर्मी-सहनशील, देर से बुवाई के लिए उपयुक्त
खाने के लिए
कुफरी आनंदमध्यम परिपक्व, अच्छी उपज
खाने के लिए
कुफरी बादशाहउच्च उपज, आकर्षक कंद आकार
खाने के लिए
संतानफ्रेंच फ्राइज़ के लिए आयातित किस्म, अनुबंध खेती
प्रसंस्करण

बीज आलू — आवश्यकता और उत्पादन

बीज आपूर्तिकर्ता →

UP को प्रतिवर्ष ~7 लाख MT बीज आलू की आवश्यकता है (40+ क्विंटल/हेक्टेयर)। बीज प्रतिस्थापन दर (SRR) अन्य राज्यों से कम — किसान कई सीजन तक अपना बीज उपयोग करते हैं, जिससे वायरस संचय और उपज में गिरावट।

एरोपोनिक बीज केंद्र: कुशीनगर और हापुड़ में मिट्टी-रहित खेती — पोषक-समृद्ध धुंध में जड़ें उगती हैं, वायरस-मुक्त मिनी-ट्यूबर मिलते हैं।

चुनौतियाँ

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जलवायु परिवर्तन

अक्टूबर में बढ़ता तापमान, अंकुरण और उपज प्रभावित। 2024-25 में ~35°C से प्रसंस्करण किस्मों में गिरावट।

अपर्याप्त कोल्ड स्टोरेज

फसलोत्तर नुकसान। किसान कटाई के समय कम भाव पर बेचने को मजबूर।

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बाज़ार मूल्य अस्थिरता

बम्पर फसल में भाव ₹200-400/क्विंटल तक गिरता है (उत्पादन लागत ₹500-600)।

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सीमित प्रसंस्करण

90%+ आलू ताज़ा उपभोग में जाता है। मूल्य-वर्धन (चिप्स, फ्लेक्स, स्टार्च) का अवसर बड़ा।

🐞

कीट और रोग

लेट ब्लाइट (Phytophthora), बैक्टीरियल विल्ट, ट्यूबर मॉथ — फसल को भारी नुकसान।

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कम बीज प्रतिस्थापन दर

किसान कई सीजन तक अपना बीज उपयोग करते हैं। वायरस संचय से उपज में धीरे-धीरे गिरावट।

भविष्य का दृष्टिकोण

एरोपोनिक बीज तकनीक

कुशीनगर और हापुड़ केंद्रों से उच्च गुणवत्ता, वायरस-मुक्त बीज। TPS, टिश्यू कल्चर, एपिकल रूटेड कटिंग का विस्तार।

प्रसंस्करण क्षेत्र विस्तार

UP में ₹50,000 करोड़ निवेश प्रस्तावित, 328 LOC जारी। चिप्सोना और संतान की बढ़ती माँग के साथ अनुबंध खेती में वृद्धि।

CIP आगरा कार्यालय

किस्म विकास, जलवायु अनुकूलन अनुसंधान, दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय समन्वय केंद्र।

संबंधित समाचार

सभी समाचार →

उद्योग डायरेक्टरी

पूरी डायरेक्टरी →

बीज आपूर्तिकर्ता (2)

व्यापारी / आढ़तिया (2)

कृषि मशीनें (3)

कोल्ड स्टोरेज (4)

प्रसंस्करण कंपनियाँ (2)

प्रगतिशील किसान (1)

अनुसंधान संस्थान (1)

परिवहन / लॉजिस्टिक्स (2)

निर्यातक (1)

सरकारी योजनाएँ

सभी योजनाएँ →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP में सबसे ज़्यादा आलू कौन सा ज़िला उगाता है
आगरा ज़िला UP का सबसे बड़ा आलू उत्पादक है — ~28 लाख MT वार्षिक उत्पादन, ~71,000 हेक्टेयर क्षेत्र। इसके बाद फ़िरोज़ाबाद (20.8 लाख MT) और कन्नौज (20.4 लाख MT) आते हैं।
UP सालाना कितना आलू उत्पादन करता है
2023-24 में UP ने 19.17 मिलियन टन आलू का उत्पादन किया। 2022-23 में यह 20.13 MT था — UP का अब तक का सर्वोच्च। ~7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है।
भारत के कुल आलू उत्पादन में UP का कितना हिस्सा है
लगभग 33-34%। 2023-24 में भारत के कुल 57.05 MT में UP का हिस्सा 19.17 MT (33.61%) था। UP + पश्चिम बंगाल + बिहार मिलकर ~78% उत्पादन करते हैं।
UP में कौन सी आलू किस्में सबसे लोकप्रिय हैं
कुफरी बहार (सबसे लोकप्रिय — मीठा स्वाद), कुफरी पुखराज (उच्च उपज), कुफरी चिप्सोना 1-5 (प्रसंस्करण), कुफरी मोहन, कुफरी सूर्या (गर्मी-सहनशील), और संतान (फ्रेंच फ्राइज़)।
UP में आलू की बुवाई और कटाई कब होती है
रबी सीजन: बुवाई अक्टूबर-नवंबर, कटाई फरवरी-मार्च। 90-110 दिन का फसल चक्र। अक्टूबर में उच्च तापमान अंकुरण को प्रभावित कर सकता है।
आगरा-कानपुर आलू पट्टी क्या है
भारत का सबसे गहन आलू उत्पादन क्षेत्र — आगरा से कानपुर तक ~6.94 लाख हेक्टेयर, 29 टन/हे. औसत उपज। आगरा, फ़िरोज़ाबाद, कन्नौज, हाथरस, फर्रुखाबाद, मैनपुरी शामिल।
UP को हर साल कितने बीज आलू चाहिए
~7 लाख MT प्रतिवर्ष (40+ क्विंटल/हेक्टेयर)। बीज प्रतिस्थापन दर अन्य राज्यों से कम है। कुशीनगर और हापुड़ में एरोपोनिक बीज केंद्र स्थापित हो रहे हैं।
UP में आलू किसानों की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं
जलवायु परिवर्तन (अक्टूबर में बढ़ता तापमान), बाज़ार मूल्य अस्थिरता (बम्पर फसल में ₹200-400/क्विंटल), अपर्याप्त कोल्ड स्टोरेज, सीमित प्रसंस्करण (90%+ ताज़ा उपभोग), और कम बीज प्रतिस्थापन दर।

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