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आलू की खेती — बुआई से कटाई तक

ICAR-CPRI मानकों पर आधारित संपूर्ण मार्गदर्शिका — सही समय, बीज, खाद, सिंचाई, रोग प्रबंधन, लागत और पैदावार।

तुरंत जवाब

आलू मुख्यतः रबी की फसल है — उत्तर भारत में अक्टूबर-नवंबर बुआई, फरवरी-मार्च कटाई। 1 एकड़ में 8-10 क्विंटल बीज लगता है, औसत पैदावार 100-130 क्विंटल/एकड़, और कुल फसल अवधि 90-110 दिन। उन्नत कुफरी किस्में (पुखराज, ज्योति, चिप्सोना) से 30%+ ज़्यादा यील्ड मिलती है। सबसे बड़ा जोखिम पिछेती झुलसा रोग है।

Lead Guide
उत्पादन·7 अप्रैल 2026·17 मिनट का पठन

आलू की खेती कैसे करें — बुआई से कटाई तक पूरी गाइड (2026)

आलू की खेती की पूरी जानकारी — सही समय, बीज दर, खाद, सिंचाई, रोग प्रबंधन, कीट नियंत्रण, खुदाई और भंडारण। ICAR-CPRI डेटा पर आधारित।

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उपविषय

इंटरैक्टिव टूल

आलू लागत और मुनाफ़ा कैलकुलेटर

क्षेत्रफल · किस्म · मंडी भाव — तुरंत हिसाब (बीज से कटाई तक)

सभी खेती गाइड्स7 गाइड्स
01
उत्पादन·19 मिनट

आलू बोने का सही समय और तरीका — महीनेवार राज्य गाइड (2026)

उत्तर भारत में अक्टूबर 2nd सप्ताह बुआई का सबसे अच्छा समय — ICAR-CPRI। पहाड़ी क्षेत्र में फ़रवरी-मार्च और अगस्त-सितंबर। बुआई दूरी 60×20 सेमी, गहराई 5-7 सेमी।

02
उत्पादन·21 मिनट

आलू की सिंचाई कब और कितनी बार करें — ICAR-CPRI सिंचाई शेड्यूल, ड्रिप और बचाव (2026)

आलू को 7-10 दिन में पानी दें — ICAR-CPRI। पहली सिंचाई 3-5 दिन बाद, कुल 8-12 सिंचाई, ड्रिप पर 30-40% बचत।

03
उत्पादन·17 मिनट

1 बीघा में कितना आलू बोया जाता है — बीज की मात्रा, बुआई विधि और लागत (2026)

1 बीघा (UP) में 8-10 क्विंटल आलू बीज लगता है — ICAR-CPRI डेटा। बीज आकार 40-45 मिमी, दूरी 60×20 सेमी, कुल लागत ₹16,000-20,000।

04
उत्पादन·22 मिनट

1 एकड़ में कितना आलू निकलता है? — पैदावार, लागत और मुनाफा 2026

1 एकड़ में 100-150 क्विंटल आलू पैदावार — ICAR-CPRI। कुल लागत ₹60,000-90,000, औसत मुनाफा ₹50,000-1,20,000। प्रसंस्करण किस्म पर ₹2-3 लाख तक संभव।

05
उत्पादन·19 मिनट

आलू को मोटा करने के लिए क्या डालें — ICAR अनुशंसित खाद, स्प्रे और सही तरीका (2026)

आलू का आकार कैसे बढ़ाएं? ICAR-CPRI की अनुशंसा — 270:80:150 NPK, पोटाश फोलियर स्प्रे (00:52:34, 00:00:50), मिट्टी चढ़ाना, और झुलसा प्रबंधन। चरणवार शेड्यूल।

06
उत्पादन·24 मिनट

आलू के लिए सबसे अच्छा खाद कौन सा है — जैविक, रासायनिक और Bio-fertilizers की पूरी गाइड (2026)

आलू के लिए ICAR-CPRI मानक: रासायनिक (DAP, यूरिया, MOP) + जैविक (गोबर खाद, vermicompost) + bio-fertilizer (Azotobacter, PSB)। संतुलित NPK से 30% ज़्यादा पैदावार।

07
उत्पादन·32 मिनट

आलू में लगने वाले रोग और उनकी दवा — पहचान, इलाज और रोकथाम (12 प्रमुख रोग, 2026)

आलू के 12 प्रमुख रोग — पिछेती झुलसा, अगेती झुलसा, मृदु सड़न, बैक्टीरियल विल्ट, मोज़ेक, पत्ती मोड़न से लेकर खोखला कंद तक। ICAR-CPRI / TNAU / AICRP की लक्षण-पहचान, स्प्रे शेड्यूल और प्रतिरोधी कुफरी किस्में।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खेती से पहले — जान लें

आलू बोने का सही समय कब है?

ICAR-CPRI के अनुसार उत्तर भारत मैदान (UP, बिहार, पंजाब, हरियाणा, WB) में अक्टूबर का दूसरा सप्ताह सबसे अच्छा बुआई-समय है। पहाड़ी क्षेत्र में फ़रवरी-मार्च (वसंत) या अगस्त-सितंबर (शरद)। दक्षिण भारत और गुजरात में अक्टूबर-नवंबर। आदर्श तापमान 15-25°C।

1 बीघा में कितना आलू बीज लगता है?

1 बीघा (UP पक्का, ~2,529 वर्ग मीटर) में 8-10 क्विंटल प्रमाणित बीज लगता है। बीज का आदर्श आकार 40-45 मिमी, बुआई दूरी 60×20 सेमी, गहराई 5-7 सेमी। कुल लागत ₹16,000-20,000 प्रति बीघा।

1 एकड़ में कितना आलू निकलता है?

औसतन 1 एकड़ से 100-130 क्विंटल आलू (10-13 टन) निकलता है। उन्नत कुफरी किस्में (पुखराज, चिप्सोना) और सही प्रबंधन से 150-180 क्विंटल/एकड़ तक मिल सकता है। 1 हेक्टेयर में 250-325 क्विंटल औसत।

आलू में कितनी बार सिंचाई करनी चाहिए?

आलू की फसल में 7-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है (कुल पानी 500-700 mm)। पहली सिंचाई बुआई के 7-8 दिन बाद, फिर 8-10 दिन के अंतराल पर। कंद बनने (40-65 दिन) के समय पानी की कमी न हो — यील्ड पर सीधा असर पड़ता है।

आलू की खेती में सबसे बड़ा खतरा क्या है?

पिछेती झुलसा (Phytophthora infestans) सबसे विनाशकारी रोग है — 7-10 दिन में पूरी फसल नष्ट कर सकता है। ICAR-CPRI अनुशंसित प्रोफ़िलैक्टिक स्प्रे: मैंकोज़ेब 0.2% (40-50 दिन पर), फिर 10-12 दिन के अंतराल पर। प्रतिरोधी किस्में: कुफरी गिरीराज, कुफरी हिमालिनी।

आलू की खेती कितने महीने में तैयार हो जाती है?

सामान्य रूप से 90-110 दिन (3-4 महीने) में आलू की फसल तैयार हो जाती है। अगेती किस्में (कुफरी पुखराज) 75-85 दिन, मध्यम किस्में (कुफरी ज्योति) 90-100 दिन, और देर वाली किस्में (कुफरी सिंदूरी) 110-120 दिन में तैयार होती हैं।