आलू के रोग और उनकी दवा
ICAR-CPRI और AICRP अनुशंसित — पिछेती झुलसा, अगेती झुलसा, मोज़ेक, सड़न, बैक्टीरियल विल्ट सहित 12 प्रमुख रोगों की पहचान, दवा और रोकथाम
आलू का सबसे विनाशकारी रोग पिछेती झुलसा (Phytophthora infestans) है — 7-10 दिन में पूरी फसल नष्ट कर सकता है। ICAR-CPRI अनुशंसित प्रोफ़िलैक्टिक स्प्रे: मैंकोज़ेब 0.2% (बुआई के 40-50 दिन बाद), फिर 10-12 दिन के अंतराल पर। संक्रमण दिखने पर systemic फंगीसाइड (साइमोक्सानिल + मैंकोज़ेब) इस्तेमाल करें। प्रतिरोधी किस्में: कुफरी गिरीराज, कुफरी हिमालिनी।
आलू में लगने वाले रोग और उनकी दवा — पहचान, इलाज और रोकथाम (12 प्रमुख रोग, 2026)
आलू के 12 प्रमुख रोग — पिछेती झुलसा, अगेती झुलसा, मृदु सड़न, बैक्टीरियल विल्ट, मोज़ेक, पत्ती मोड़न से लेकर खोखला कंद तक। ICAR-CPRI / TNAU / AICRP की लक्षण-पहचान, स्प्रे शेड्यूल और प्रतिरोधी कुफरी किस्में।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आलू में सबसे विनाशकारी रोग कौन सा है?
पिछेती झुलसा (Late Blight, Phytophthora infestans) आलू का सबसे विनाशकारी रोग है — सही परिस्थितियों (तापमान 15-20°C, आर्द्रता 90%+) में 7-10 दिन में पूरी फसल नष्ट कर सकता है। 1845 के आयरिश आलू अकाल का यही कारण था। ICAR-CPRI अनुशंसित प्रोफ़िलैक्टिक स्प्रे: मैंकोज़ेब 0.2% (40-50 दिन पर शुरू), फिर 10-12 दिन के अंतराल पर।
पिछेती झुलसा की दवा कौन सी है?
प्रोफ़िलैक्टिक: मैंकोज़ेब 75% WP (2 ग्राम/लीटर) या क्लोरोथैलोनिल 75% WP (2 ग्राम/लीटर)। संक्रमण दिखने पर systemic फंगीसाइड: साइमोक्सानिल + मैंकोज़ेब (3 ग्राम/लीटर), या मेटालैक्सिल + मैंकोज़ेब (2.5 ग्राम/लीटर), या प्रोपामोकार्ब + क्लोरोथैलोनिल। 7 दिन के अंतराल पर दोहराएँ। प्रतिरोधी कुफरी किस्में: गिरीराज, हिमालिनी।
आलू में फंगस की दवा कब डालें?
प्रोफ़िलैक्टिक स्प्रे बुआई के 40-50 दिन बाद शुरू करें (फूल आने के समय), फिर 10-12 दिन के अंतराल पर। कुल 4-6 स्प्रे चाहिए। मौसम में बादल, कोहरा, या बारिश आने पर तुरंत स्प्रे करें — झुलसा रोग ठंडी-नम परिस्थिति में तेज़ी से फैलता है। शाम के समय या सुबह जल्दी छिड़काव करें।
आलू मोज़ेक रोग का इलाज क्या है?
मोज़ेक एक viral रोग है — कोई सीधी दवा नहीं है। प्रबंधन: प्रमाणित रोग-मुक्त बीज लगाएँ, संक्रमित पौधे तुरंत उखाड़ें (rouging), और वाहक कीट (माहू/aphids) नियंत्रित करें — इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (0.5 मिली/लीटर) या थायामेथोक्सम 25% WG (0.4 ग्राम/लीटर)। प्रतिरोधी किस्में: कुफरी सिंदूरी, कुफरी पुखराज।
आलू में सड़न रोग कैसे रोकें?
मृदु सड़न (Soft Rot) रोकथाम: (1) रोग-मुक्त बीज, (2) कटाई के समय कंद पर खरोंच न आने दें, (3) भंडारण से पहले 7-10 दिन curing (15-18°C पर सुखाना), (4) कोल्ड स्टोरेज में तापमान 2-4°C और आर्द्रता 90-95%, (5) खेत में पानी जमा न होने दें। ब्लीचिंग पाउडर 0.2% से बीज उपचार करें।
आलू में कीट कौन से लगते हैं?
प्रमुख कीट: (1) माहू/aphids — viral रोग वाहक, (2) सफ़ेद मक्खी (whitefly), (3) हरा फुदका (jassid), (4) कटुआ कीट (cutworm), (5) सूत्रकृमि (nematodes), (6) आलू कंद पतंगा (potato tuber moth)। नियंत्रण: इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (माहू), क्लोरपायरीफोस 20% EC (कटुआ), Trichoderma + neem cake (नेमेटोड)।
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