कुफरी उदय भारत की सबसे होनहार अगेती लाल छिलके की आलू किस्मों में से एक है, जिसे ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI) ने उत्तर भारतीय मैदानों में व्यावसायिक खेती के लिए जारी किया है। यह अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP), पेरू के क्लोन CIP387521.3 और डच किस्म एफ्रोडाइट (Aphrodite) के संकरण से विकसित की गई है।
यह किस्म ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र, मोदीपुरम, मेरठ में आलू प्रजनक डॉ. एस.के. लूथरा और उनकी टीम के नेतृत्व में विकसित की गई। प्रजनन कार्यक्रम के दौरान इसका पदनाम CP4409 था।
कुफरी उदय की खासियत: आकर्षक लाल छिलका, अंडाकार आकार, उथली आँखें, और मीली पीला गूदा — ऐसे क्षेत्रों में जहाँ लाल छिलके वाले आलू को प्रीमियम कीमत मिलती है, यह किसानों के लिए आदर्श विकल्प है।

कुफरी उदय — प्रमुख विशेषताएँ
वंशावली और प्रजनन इतिहास
मातृ वंश — CIP387521.3
मादा पैरेंट CIP387521.3 अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP), लीमा, पेरू का एक उन्नत क्लोन है। इस पैरेंट लाइन ने उपज क्षमता और रोग सहिष्णुता से संबंधित गुण प्रदान किए।
पितृ वंश — एफ्रोडाइट (नीदरलैंड)
नर पैरेंट एफ्रोडाइट नीदरलैंड की एक बहुत अगेती से अगेती परिपक्व होने वाली किस्म है। डच आनुवंशिकी ने कुफरी उदय को अगेती बल्किंग क्षमता और उत्कृष्ट कंद दिखावट के गुण प्रदान किए।
AICRP के तहत बहु-स्थानीय परीक्षण
CP4409 का 2018-19 से 2020-21 तक अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) के तहत उत्तरी, मध्य और पूर्वी मैदानों के कई केंद्रों पर कठोर मूल्यांकन किया गया — हिसार (हरियाणा), मोदीपुरम (उत्तर प्रदेश), बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश में। इन परीक्षणों में कुफरी उदय ने मानक जाँच किस्मों कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
उपज प्रदर्शन
2025 क्षेत्र परीक्षण: ICAR-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम में छह आलू किस्मों के मूल्यांकन में कुफरी उदय ने प्रति पौधा सर्वाधिक औसत कंद वज़न (561.20 ग्राम), प्रति पौधा सर्वाधिक कंद संख्या (7.80), और सर्वाधिक कुल उपज (36.30 टन/हे.) दर्ज की।
AICRP परीक्षण सारांश
इसकी अगेती बल्किंग प्रकृति का अर्थ है कि किसान रोपण के 75 दिन बाद भी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उपज प्राप्त कर सकते हैं।
अन्य लाल छिलके की किस्मों से तुलना
कुफरी उदय बनाम कुफरी लालिमा
कुफरी उदय बनाम कुफरी रतन (2025)
कुफरी रतन (2025) की उपज थोड़ी अधिक है, लेकिन कुफरी उदय का लाभ इसकी अगेती परिपक्वता में है — फसल चक्र में अधिक लचीलापन।
पौधे और कंद की विशेषताएँ
कुफरी उदय मध्यम ऊँचे, ओजस्वी पौधे उत्पन्न करता है जिनकी अर्ध-सघन छतरी होती है। पौधों में लेट ब्लाइट के विरुद्ध क्षेत्र प्रतिरोध है।
अनुशंसित क्षेत्र और राज्य
बाज़ार अवसर: लाल छिलके वाले आलू पारंपरिक रूप से पूर्वी भारतीय बाज़ारों में लोकप्रिय हैं जहाँ उपभोक्ता रंगीन कंदों को प्राथमिकता देते हैं। उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य भारत में भी माँग बढ़ रही है।
खेती की सिफारिशें
रोग प्रबंधन
लेट ब्लाइट क्षेत्र प्रतिरोध के बावजूद, उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मेटालैक्सिल + मैनकोज़ेब का छिड़काव रोपण के 35-40 दिन बाद शुरू करें। माहू (एफिड) की निगरानी करें — सीमा आबादी पर इमिडाक्लोप्रिड लगाएँ।
भंडारण और रखरखाव
देशी भंडारण लाभ: पूर्वी भारत के किसान और छोटे भूमिधारक जो ढेर भंडारण पर निर्भर हैं, उनके लिए कुफरी उदय की अच्छी भंडारण गुणवत्ता का मतलब है — कम नुकसान और बेहतर कीमत के लिए बिक्री का समय चुनने की सुविधा।
दीर्घकालिक भंडारण के लिए 2-4 डिग्री सेल्सियस पर शीत भंडारण और अंकुरण दमन के लिए CIPC उपचार अनुशंसित है।
पोषण मूल्य और पाक उपयुक्तता
18-19% शुष्क पदार्थ इसे टेबल उपयोग के लिए आदर्श बनाता है। पीले गूदे का रंग उच्च कैरोटीनॉइड सामग्री का संकेतक है — आँखों के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के लिए लाभदायक।
उत्तम पाक उपयोग: उबले आलू, आलू सब्ज़ी, करी, मैश्ड पोटैटो, और चोखा — उत्तर और पूर्वी भारत में लोकप्रिय व्यंजन। चिप्स/फ्रेंच फ्राई प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त नहीं (20%+ शुष्क पदार्थ चाहिए)।
किसान कुफरी उदय क्यों चुनें?
कुफरी उदय बीज आलू कहाँ से प्राप्त करें?
ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र: मोदीपुरम-मेरठ, जालंधर (पंजाब), ग्वालियर (मध्य प्रदेश), पटना (बिहार), शिलांग (मेघालय)। बीज मार्च-अप्रैल में नीलामी या प्री-बुकिंग से उपलब्ध।
राज्य कृषि विभाग: CPRI से फाउंडेशन और प्रमाणित बीज प्राप्त करते हैं।
NHRDF: प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में उन्नत कुफरी किस्मों तक पहुँच प्रदान करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुफरी उदय क्या है?
कुफरी उदय ICAR-CPRI द्वारा विकसित एक अगेती, उच्च उपज वाली लाल छिलके की टेबल आलू किस्म है। इसे CIP387521.3 और एफ्रोडाइट के संकरण से विकसित किया गया है। यह उत्तर, मध्य और पूर्वी मैदानों के लिए अनुशंसित है।
कुफरी उदय की उपज क्षमता कितनी है?
इष्टतम प्रबंधन में 36-38 टन/हेक्टेयर। AICRP परीक्षणों में 75-दिन और 90-दिन दोनों कटाई पर कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से लगातार बेहतर। 2025 के क्षेत्र अध्ययन में छह किस्मों में सर्वाधिक 36.30 टन/हे. दर्ज।
क्या कुफरी उदय लेट ब्लाइट प्रतिरोधी है?
हाँ, क्षेत्र प्रतिरोध है। रोग-मुक्त नहीं, लेकिन फसल नुकसान और कवकनाशी लागत काफी कम होती है। उच्च आर्द्रता में मेटालैक्सिल + मैनकोज़ेब का रोकथाम छिड़काव अनुशंसित।
बीज दर क्या है?
35-40 क्विंटल/हेक्टेयर, बीज कंद आकार 40-60 ग्राम। पंक्ति दूरी 60 सेमी, पौधा दूरी 20 सेमी।
किन राज्यों में उगा सकते हैं?
उत्तरी मैदान (पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड), मध्य मैदान (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान), और पूर्वी मैदान (बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम)। रबी सीज़न (अक्टूबर-मार्च)।
क्या चिप्स बना सकते हैं?
नहीं, कुफरी उदय टेबल आलू है। 18-19% शुष्क पदार्थ चिप्स की 20-21% आवश्यकता से कम है। प्रसंस्करण के लिए कुफरी चिप्सोना या कुफरी चिपभारत-1 उपयुक्त हैं।
भंडारण गुणवत्ता कैसी है?
बहुत अच्छी। देशी भंडारण में कई सप्ताह तक कम वज़न हानि और अंकुरण। दीर्घकालिक के लिए 2-4 डिग्री शीत भंडारण + CIPC उपचार अनुशंसित।
बीज कहाँ से खरीदें?
ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्रों (मोदीपुरम, जालंधर, ग्वालियर, पटना), राज्य कृषि विभागों, राज्य बीज निगमों, और NHRDF केंद्रों से। मार्च-अप्रैल में नीलामी या प्री-बुकिंग।
कुफरी उदय किसने विकसित की?
ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र, मोदीपुरम, मेरठ में डॉ. एस.के. लूथरा के नेतृत्व में, ICAR-CPRI शिमला और अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के सहयोग से। शोध पत्र Potato Journal (Vol. 50, No. 1, 2023) में प्रकाशित।
स्रोत: Luthra, S.K. (2023), "Kufri Uday: An Early Maturing Red Skin Potato Variety," Potato Journal, 50(1), ICAR-CPRI — epubs.icar.org.in · Evaluation of different varieties of potato, Journal of Eco-friendly Agriculture, 20(2): 350-355, 2025, ICAR-IIFSR, Modipuram · Kumar V, Luthra SK et al. (2014), Indian potato varieties and their salient features, CPRI Technical Bulletin No. 78 · Rawal S et al. (2021), Good Agricultural Practices for Potato, ICAR-CPRI, Shimla. यह लेख indianpotato.com पर प्रकाशित मूल अंग्रेज़ी गाइड पर आधारित है।