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बिहार आलू मंडी भाव 2026 — पटना, नालंदा, मुज़फ़्फ़रपुर ताज़ा भाव

बिहार की प्रमुख मंडियों से आलू के ताज़ा थोक भाव — पटना, नालंदा, मुज़फ़्फ़रपुर, समस्तीपुर। शीर्ष ज़िले, लेडी रोसेटा योजना, मौसमी रुझान और किसान गाइड।

1 अप्रैल 20269 मिनट पढ़ें
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बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है — 2024-25 में राज्य ने अनुमानित 7-8 मिलियन टन आलू का उत्पादन किया। बिहार की विशेषता इसकी उच्च प्रति हेक्टेयर उत्पादकता है — कई ज़िलों में यह राष्ट्रीय औसत से 25-30% अधिक है। हाल ही में बिहार सरकार की लेडी रोसेटा विस्तार योजना ने प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू उत्पादन को नई दिशा दी है।

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🥔 #3 राज्य
भारत में आलू उत्पादन
📊 ~8M टन
वार्षिक उत्पादन
🧬 17 ज़िले
लेडी रोसेटा योजना

बिहार आलू मंडी — ताज़ा थोक भाव और बाज़ार रुझान
बिहार आलू मंडी — ताज़ा थोक भाव और बाज़ार रुझान

बिहार — उच्च उत्पादकता का केंद्र

बिहार की गंगा के मैदान की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, पर्याप्त सिंचाई (गंडक, कोसी, सोन नदी प्रणाली), और सर्दियों का अनुकूल तापमान इसे आलू उत्पादन के लिए आदर्श बनाते हैं। विशेष रूप से नालंदा, पटना, और वैशाली ज़िलों में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 30-35 टन तक पहुँचती है।

बिहार में आलू अक्टूबर के अंत में बोया जाता है और फ़रवरी-मार्च में काटा जाता है। राज्य में आलू सबसे महत्वपूर्ण रबी फसलों में से एक है — लाखों छोटे और सीमांत किसान परिवार इस पर निर्भर हैं।

शीर्ष आलू उत्पादक ज़िले

  • नालंदा — बिहार का #1 आलू उत्पादक ज़िला। बिहार शरीफ़ प्रमुख व्यापारिक केंद्र। उच्चतम उत्पादकता
  • पटना — राजधानी ज़िला, बड़ा उत्पादक + उपभोक्ता बाज़ार दोनों
  • समस्तीपुर — उत्तर बिहार का प्रमुख आलू ज़िला। ICAR-CPRIC मोदीपुरम का उप-केंद्र यहाँ
  • मुज़फ़्फ़रपुर — लीची के साथ-साथ आलू का भी बड़ा उत्पादक
  • वैशाली — पटना के निकट, उच्च उत्पादकता वाला क्षेत्र
  • नवादा — नालंदा बेल्ट से जुड़ा, बढ़ता उत्पादन
  • बेगूसराय — गंगा किनारे का उपजाऊ क्षेत्र
  • सारण (छपरा) — पश्चिम बिहार का प्रमुख ज़िला
  • मधुबनी — मिथिलांचल क्षेत्र में बढ़ता क्षेत्रफल
  • रोहतास — दक्षिण बिहार का प्रमुख उत्पादक
  • बिहार के शीर्ष 10 ज़िलों की विस्तृत जानकारी हमारे लेख बिहार के टॉप 10 आलू उत्पादक ज़िले में पढ़ें।

    प्रमुख मंडियाँ और भाव

    पटना मंडी

    पटना बिहार का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। यहाँ नालंदा, पटना, वैशाली और आसपास के ज़िलों से आलू आता है।

  • फसल सीज़न भाव (फ़रवरी-मार्च): ₹900-1,300 प्रति क्विंटल
  • ऑफ-सीज़न भाव (जुलाई-सितम्बर): ₹1,600-2,400 प्रति क्विंटल
  • प्रमुख किस्में: कुफरी पुखराज, कुफरी ज्योति, कुफरी सिंधुरी
  • बिहार शरीफ़ मंडी (नालंदा)

    नालंदा ज़िले का मुख्यालय और बिहार के सबसे बड़े आलू उत्पादक क्षेत्र की प्रमुख मंडी।

  • सामान्य भाव रेंज: ₹800-1,200 प्रति क्विंटल (सीज़न में)
  • विशेषता: सबसे अधिक आवक, गुणवत्ता आलू
  • मुज़फ़्फ़रपुर मंडी

    उत्तर बिहार का प्रमुख व्यापारिक केंद्र। यहाँ से नेपाल को भी आलू निर्यात होता है।

  • सामान्य भाव रेंज: ₹900-1,400 प्रति क्विंटल
  • अन्य प्रमुख मंडियाँ

  • समस्तीपुर — उत्तर बिहार की बड़ी मंडी
  • गया — दक्षिण बिहार का केंद्र
  • भागलपुर — पूर्वी बिहार
  • छपरा (सारण) — पश्चिम बिहार
  • लाइव भाव: मंडी भाव पेज पर पटना और बिहार की अन्य मंडियों के ताज़ा भाव देखें।

    लेडी रोसेटा विस्तार योजना — बिहार का गेम-चेंजर

    बिहार सरकार ने 2025-26 में लेडी रोसेटा आलू विस्तार योजना शुरू की — यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू योजनाओं में से एक है:

  • 17 ज़िलों में लागू
  • ₹93,863 प्रति हेक्टेयर अनुदान (लागत का 75%)
  • लक्ष्य: प्रसंस्करण उद्योग (PepsiCo, ITC) के लिए गुणवत्ता आलू की स्थानीय आपूर्ति बढ़ाना
  • किस्में: लेडी रोसेटा, एटलांटिक, चिप्सोना-1
  • इस योजना का विस्तृत विवरण पढ़ें: बिहार लेडी रोसेटा विस्तार योजना

    💡 बिहार किसानों के लिए
    लेडी रोसेटा योजना के तहत 75% सब्सिडी पर प्रसंस्करण-गुणवत्ता बीज आलू मिलता है। प्रसंस्करण आलू के भाव सामान्य टेबल आलू से ₹200-400 अधिक होते हैं — यह किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा अवसर है।

    मौसमी भाव रुझान

  • फ़रवरी-मार्च: फसल कटाई, भाव सबसे कम ₹700-1,100
  • अप्रैल-मई: कोल्ड स्टोरेज में भंडारण, भाव स्थिर
  • जून-सितम्बर: ऑफ-सीज़न, भाव सबसे अधिक ₹1,500-2,400। मानसून में परिवहन बाधित
  • अक्टूबर-जनवरी: नई बुवाई, पुराने स्टॉक का निकास, मध्यम भाव ₹1,200-1,700
  • कोल्ड स्टोरेज

    बिहार में कोल्ड स्टोरेज अवसंरचना में तेज़ी से विस्तार हो रहा है, लेकिन यूपी और पंजाब की तुलना में अभी कमी है। नालंदा, पटना और समस्तीपुर में सबसे अधिक सुविधाएँ हैं।

  • किराया: ₹160-220 प्रति क्विंटल (6-8 महीने)
  • नए कोल्ड स्टोरेज पर 35-50% सरकारी सब्सिडी उपलब्ध
  • सरकारी सहायता

  • PM किसान — ₹6,000/वर्ष (विवरण)
  • लेडी रोसेटा योजना — 75% सब्सिडी (विवरण)
  • बीज अनुदान योजना — प्रमाणित बीज पर 50% तक सब्सिडी
  • किसान क्रेडिट कार्ड — 4% ब्याज (विवरण)
  • सभी योजनाएँ एक पेज पर देखें
  • 📊 रोज़ाना भाव अपडेट

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    बिहार में सबसे अधिक आलू कहाँ उगाया जाता है नालंदा बिहार का #1 आलू उत्पादक ज़िला है, इसके बाद पटना, समस्तीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली आते हैं।

    बिहार लेडी रोसेटा योजना क्या है बिहार सरकार की योजना जिसमें 17 ज़िलों में प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू (लेडी रोसेटा) की खेती पर ₹93,863 प्रति हेक्टेयर (75%) अनुदान दिया जाता है। लक्ष्य है PepsiCo, ITC जैसी कंपनियों के लिए स्थानीय आपूर्ति बढ़ाना।

    पटना मंडी में आलू का भाव कितना है फसल सीज़न (फ़रवरी-मार्च) में ₹900-1,300 और ऑफ-सीज़न (जुलाई-सितम्बर) में ₹1,600-2,400 प्रति क्विंटल। लाइव भाव के लिए Indian Potato मंडी पेज देखें।

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