बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है — 2024-25 में राज्य ने अनुमानित 7-8 मिलियन टन आलू का उत्पादन किया। बिहार की विशेषता इसकी उच्च प्रति हेक्टेयर उत्पादकता है — कई ज़िलों में यह राष्ट्रीय औसत से 25-30% अधिक है। हाल ही में बिहार सरकार की लेडी रोसेटा विस्तार योजना ने प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू उत्पादन को नई दिशा दी है।
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बिहार — उच्च उत्पादकता का केंद्र
बिहार की गंगा के मैदान की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, पर्याप्त सिंचाई (गंडक, कोसी, सोन नदी प्रणाली), और सर्दियों का अनुकूल तापमान इसे आलू उत्पादन के लिए आदर्श बनाते हैं। विशेष रूप से नालंदा, पटना, और वैशाली ज़िलों में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 30-35 टन तक पहुँचती है।
बिहार में आलू अक्टूबर के अंत में बोया जाता है और फ़रवरी-मार्च में काटा जाता है। राज्य में आलू सबसे महत्वपूर्ण रबी फसलों में से एक है — लाखों छोटे और सीमांत किसान परिवार इस पर निर्भर हैं।
शीर्ष आलू उत्पादक ज़िले
बिहार के शीर्ष 10 ज़िलों की विस्तृत जानकारी हमारे लेख बिहार के टॉप 10 आलू उत्पादक ज़िले में पढ़ें।
प्रमुख मंडियाँ और भाव
पटना मंडी
पटना बिहार का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। यहाँ नालंदा, पटना, वैशाली और आसपास के ज़िलों से आलू आता है।
बिहार शरीफ़ मंडी (नालंदा)
नालंदा ज़िले का मुख्यालय और बिहार के सबसे बड़े आलू उत्पादक क्षेत्र की प्रमुख मंडी।
मुज़फ़्फ़रपुर मंडी
उत्तर बिहार का प्रमुख व्यापारिक केंद्र। यहाँ से नेपाल को भी आलू निर्यात होता है।
अन्य प्रमुख मंडियाँ
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लेडी रोसेटा विस्तार योजना — बिहार का गेम-चेंजर
बिहार सरकार ने 2025-26 में लेडी रोसेटा आलू विस्तार योजना शुरू की — यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू योजनाओं में से एक है:
इस योजना का विस्तृत विवरण पढ़ें: बिहार लेडी रोसेटा विस्तार योजना
लेडी रोसेटा योजना के तहत 75% सब्सिडी पर प्रसंस्करण-गुणवत्ता बीज आलू मिलता है। प्रसंस्करण आलू के भाव सामान्य टेबल आलू से ₹200-400 अधिक होते हैं — यह किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा अवसर है।
मौसमी भाव रुझान
कोल्ड स्टोरेज
बिहार में कोल्ड स्टोरेज अवसंरचना में तेज़ी से विस्तार हो रहा है, लेकिन यूपी और पंजाब की तुलना में अभी कमी है। नालंदा, पटना और समस्तीपुर में सबसे अधिक सुविधाएँ हैं।
सरकारी सहायता
बिहार में सबसे अधिक आलू कहाँ उगाया जाता है
नालंदा बिहार का #1 आलू उत्पादक ज़िला है, इसके बाद पटना, समस्तीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली आते हैं।
बिहार लेडी रोसेटा योजना क्या है
बिहार सरकार की योजना जिसमें 17 ज़िलों में प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू (लेडी रोसेटा) की खेती पर ₹93,863 प्रति हेक्टेयर (75%) अनुदान दिया जाता है। लक्ष्य है PepsiCo, ITC जैसी कंपनियों के लिए स्थानीय आपूर्ति बढ़ाना।
पटना मंडी में आलू का भाव कितना है
फसल सीज़न (फ़रवरी-मार्च) में ₹900-1,300 और ऑफ-सीज़न (जुलाई-सितम्बर) में ₹1,600-2,400 प्रति क्विंटल। लाइव भाव के लिए Indian Potato मंडी पेज देखें।