राज्य प्रोफ़ाइल · रैंक #3

बिहार — भारत का तीसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक

नालंदा, वैशाली, पटना की उपजाऊ ज़मीन पर 9+ मिलियन टन उत्पादन। Lady Rosetta Vistar Yojana से 17 ज़िलों में processing आलू पर 75% सब्सिडी।

~9.5M टन
बिहार उत्पादन 2023-24
~17%
भारत के कुल का हिस्सा
3.2 लाख हे.
खेती क्षेत्र
~30 टन/हे.
औसत उपज

बिहार आलू उत्पादन में क्यों आगे है

गंगा-गंडक मैदान की उपजाऊ मिट्टी, मजबूत श्रम-शक्ति, और सरकार की processing-केंद्रित नीतियाँ।

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गंगा-गंडक मैदान

गहरी जलोढ़ मिट्टी, उच्च जैविक तत्व — आलू के लिए श्रेष्ठ

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अनुकूल रबी जलवायु

दिसंबर-जनवरी में ठंडी रातें (8-12°C) कंद बनने के लिए आदर्श

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Lady Rosetta पहल

17 ज़िलों में processing-grade आलू पर 75% सब्सिडी, ₹93,863/हे.

👥

कुशल श्रम

सघन-खेती परंपरा, परिवार-आधारित कृषि — कम श्रम लागत

राष्ट्रीय उत्पादन में योगदान

2024-25 में बिहार का अनुमानित उत्पादन ~9.5 मिलियन टन — भारत के कुल 60+ MT का ~17%। यील्ड में बिहार और WB लगभग बराबर (~30 टन/हेक्टेयर)।

बिहार के 8 प्रमुख ज़िले — नालंदा, वैशाली, पटना, बेगूसराय, समस्तीपुर, सारन, पूर्वी चंपारण, मुज़फ़्फ़रपुर — राज्य के ~75% उत्पादन का योगदान करते हैं। नालंदा अकेले ~14% योगदान देता है।

बिहार सरकार ने Lady Rosetta Vistar Yojana शुरू की है — 17 ज़िलों में processing-grade आलू पर ₹93,863/हे. (75%) सब्सिडी, राज्य को chips और flakes industry के लिए प्रमुख स्रोत बनाने का लक्ष्य।

प्रमुख तथ्य
Lady Rosetta Vistar Yojana

बिहार के 17 ज़िलों में processing-grade आलू (Lady Rosetta) पर 75% सब्सिडी — ₹93,863 प्रति हेक्टेयर। PepsiCo, ITC, Balaji के साथ contract farming से किसानों को guaranteed buy-back।

शीर्ष 10 आलू उत्पादक ज़िले

बिहार Directorate of Horticulture डेटा, 2023-24 अनुमान

01
नालंदा
~13 लाख MT
राज्य का #1 आलू ज़िला, बीहार-शरीफ़ मंडी प्रमुख
02
वैशाली
~9 लाख MT
हाजीपुर मंडी, मुज़फ़्फ़रपुर के निकट processing pull
03
पटना
~7 लाख MT
राज्य की राजधानी के पास, मजबूत बाज़ार पहुँच
04
बेगूसराय
~6 लाख MT
गंगा बेल्ट, बढ़ता processing क्लस्टर
05
समस्तीपुर
~5 लाख MT
मुज़फ़्फ़रपुर-बेगूसराय बेल्ट, सघन खेती
06
सारन
~4 लाख MT
गंडक-गंगा संगम क्षेत्र, traditional खेती
07
पूर्वी चंपारण
~4 लाख MT
मोतिहारी, Lady Rosetta पायलट ज़िलों में से एक
08
मुज़फ़्फ़रपुर
~3.5 लाख MT
लीची के साथ-साथ आलू, मजबूत मंडी
09
भोजपुर
~3 लाख MT
आरा क्षेत्र, बढ़ती कोल्ड चेन निवेश
10
कटिहार
~2.5 लाख MT
पूर्वी बिहार, बंगाल-सीमा व्यापार

नालंदा — बिहार की आलू राजधानी

~13 लाख MT
वार्षिक उत्पादन
~14%
बिहार उत्पादन का हिस्सा
~46,000 हे.
खेती क्षेत्र
~28 टन/हे.
औसत उपज

प्रमुख ब्लॉक: बिहार-शरीफ़, इस्लामपुर, राजगीर, हिलसा। बिहार-शरीफ़ मंडी राज्य का सबसे बड़ा आलू व्यापार केंद्र।

मुख्य किस्में: कुफरी पुखराज (सबसे लोकप्रिय), कुफरी सिंदूरी, और processing के लिए लेडी रोसेटा (Vistar Yojana के तहत बढ़ रही)।

नालंदा का व्यापारी नेटवर्क उत्तर भारत और पश्चिम बंगाल तक फैला — मार्च-अप्रैल की fresh आलू सबसे पहले यहाँ से निकलती है।

खेती का मौसम और प्रमुख किस्में

सभी किस्में →

रबी सीजन: बुवाई अक्टूबर-नवंबर, कटाई फरवरी-मार्च। 90-110 दिन फसल चक्र।

कुफरी पुखराजबिहार में सबसे लोकप्रिय — अगेती, उच्च उपज, बाज़ार-तैयार 75-90 दिन
खाने के लिए
कुफरी सिंदूरीदेर वाली किस्म, अच्छी भंडारण, traditional preference
खाने के लिए
कुफरी ज्योतिमध्यम-अवधि, सफ़ेद कंद, स्थिर बाज़ार माँग
खाने के लिए
कुफरी अशोकाअगेती, गर्मी-सहनशील, late-sown के लिए उपयुक्त
खाने के लिए
लेडी रोसेटाVistar Yojana की प्राथमिकता किस्म — chips processing के लिए
प्रसंस्करण
कुफरी फ्राईसोनाFrench fries के लिए — अनुबंध खेती में बढ़त
प्रसंस्करण

बीज आलू — पंजाब निर्भरता और स्थानीय पहल

बीज आपूर्तिकर्ता →

बिहार का अधिकांश बीज आलू पंजाब (जलंधर) और हिमाचल प्रदेश (शिमला) से आता है — हर साल ~2 लाख MT बीज ट्रेड। स्थानीय सर्टिफाइड बीज उत्पादन सीमित।

स्थानीय पहल: Bihar Agricultural University (BAU, सबौर) और ICAR-CPRI पटना केंद्र से tissue-culture-based mini-tubers का उत्पादन — मुज़फ़्फ़रपुर और समस्तीपुर पायलट।

चुनौतियाँ

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बाढ़ और जलजमाव

मानसून-पश्चात बाढ़ खासकर उत्तर बिहार में रबी बुआई को 2-3 हफ़्ते देर करती है

🧊

सीमित कोल्ड स्टोरेज

WB-पंजाब की तुलना में बिहार में कोल्ड स्टोरेज क्षमता काफ़ी कम — किसान कटाई पर बेचने को मजबूर

💰

मूल्य अस्थिरता

मार्च-अप्रैल bumper crop में भाव ₹400-700/क्विंटल तक गिरते हैं

🚛

बीज आपूर्ति निर्भरता

पंजाब-हिमाचल पर निर्भरता से बीज की कीमत और गुणवत्ता पर असर

🏭

अल्प प्रसंस्करण

अब तक राज्य का सिर्फ़ 3-5% आलू प्रसंस्करण में जाता है — Vistar Yojana से बदलाव की उम्मीद

🦠

देर से झुलसा

नम जलवायु late blight का हॉटस्पॉट — साप्ताहिक स्प्रे ज़रूरी

भविष्य का दृष्टिकोण

Lady Rosetta क्षेत्र विस्तार

17 पायलट ज़िलों से 38 ज़िलों तक विस्तार की योजना — processing क्लस्टर के साथ contract farming।

कोल्ड चेन निवेश

NABARD AIF और PMKSY से 50,000+ MT नई भंडारण क्षमता proposed — हाजीपुर, बिहार-शरीफ़, बेगूसराय।

BAU सबौर बीज पहल

पंजाब-निर्भरता घटाने के लिए स्थानीय tissue-culture mini-tuber उत्पादन — मुज़फ़्फ़रपुर पायलट।

संबंधित समाचार

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उद्योग डायरेक्टरी

पूरी डायरेक्टरी →

कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स (2)

अनुसंधान संस्थान (1)

प्रगतिशील किसान (1)

सरकारी योजनाएँ

सभी योजनाएँ →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में सबसे ज़्यादा आलू कौन सा ज़िला उगाता है
नालंदा ज़िला बिहार का सबसे बड़ा आलू उत्पादक है — ~13 लाख MT वार्षिक उत्पादन, ~46,000 हेक्टेयर क्षेत्र। इसके बाद वैशाली (~9 लाख MT) और पटना (~7 लाख MT) आते हैं।
बिहार सालाना कितना आलू उत्पादन करता है
2024-25 में बिहार का अनुमानित उत्पादन ~9.5 मिलियन टन — भारत के कुल 60+ MT का ~17%। ~3.2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है।
Lady Rosetta Vistar Yojana क्या है
बिहार सरकार की प्रमुख processing-केंद्रित योजना — 17 ज़िलों में Lady Rosetta किस्म पर ₹93,863/हे. (75%) सब्सिडी। PepsiCo, ITC, Balaji के साथ contract farming से किसानों को guaranteed buy-back।
बिहार में कौन सी आलू किस्में सबसे लोकप्रिय हैं
कुफरी पुखराज (सबसे लोकप्रिय — अगेती, उच्च उपज), कुफरी सिंदूरी (देर वाली), कुफरी ज्योति (मध्यम-अवधि), और processing के लिए लेडी रोसेटा (Vistar Yojana के तहत बढ़ रही)।
बिहार में आलू की बुवाई और कटाई कब होती है
रबी सीजन: बुवाई अक्टूबर-नवंबर, कटाई फरवरी-मार्च। उत्तर बिहार में मानसून बाढ़ से बुआई दिसंबर तक खिंच सकती है। 90-110 दिन फसल चक्र।
बिहार को आलू बीज कहाँ से मिलता है
अधिकांश बीज (~2 लाख MT/वर्ष) पंजाब (जलंधर) और हिमाचल प्रदेश (शिमला) से आता है। BAU सबौर और ICAR-CPRI पटना से tissue-culture mini-tuber उत्पादन हाल में बढ़ रहा है।
बिहार में कोल्ड स्टोरेज की स्थिति क्या है
WB और पंजाब की तुलना में बिहार में कोल्ड स्टोरेज क्षमता काफ़ी कम है — किसान अक्सर कटाई के समय कम भाव पर बेचने को मजबूर। NABARD AIF और PMKSY से नई 50,000+ MT क्षमता proposed।

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